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नजरे




नजरे


नजरे.. ये नजरे...


नजरे... ये नजरे...


ये नजरे

नजरे क्या कहती है


ये नजरें

नजरे क्या कहती हैं

 

दिल है उदास

 यही तो अनदेखी है


 ये पल है ठहरा

 ठहरी है ये राहे


तन्हा तन्हा यह दिल

किस से कह पाता है


मन की अधूरी चाहत 

 कौन देख पाता है


ए हे हे हे 

हे हे हे

आ हा हा हा....


के तुम कहाँ हो

क्यों तुम पास नही हो


के तुम दूर हो

पास आओ कहा हो


के ए सासे

तेरे बिना चलती नही


के ऐ राहे 

इंतजार करती हर घड़ी 


ये नजरे

नजरे ये कहती है


दिल है उदास

यही तो अनदेखी है


ए हे हे हे 

हे हे हे

आ हा हा हा...


                                         अनुभा  पुरोहित


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अगर मेरे लिखने मे या लिखने के तरीके मे कोई भी गलती हो तो मुझे जरूर बताना।

 धन्यवाद 


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