Sabse badi khushi
सबसे बडी़ खुसी दीदार तुम्हारा
सबसे बडी़ दौलत प्यार तुम्हारा
तेरी आँखो में संसार सारा
ना भाये विन तेरे नजारा
अच्छा नही लगता सवरना सजना
आँखो से तू जब होता है ओझल
जीना ही हो जाता है मुशकिल
होटो पे हँसी जब तक है तू संग
सुहाने लगे बस बहारो के ये रंग
होता नहीं आँसुओं का झरना बंद
रुठ जायें सब तुम ना रुठना
छूट जायें जान पर तुम ना छूटना
धड़कनों में धड़कते रहो हरदम
तेरे दम से ही है दिल में धड़कन
तुम से जुदा हो के जीना ना एक पल
भड़क जाए फिजाँ वो रंगी शबाब हो
जो चारों पहर लगे हैं की वो ख्वाब हो
हर समा मुस्कुराये वो दिलकश किताब हो
इश्क करें तुझसे शरारत के तुम वो नायाब हो
आ जायें बहारें कलियाँ खिलने लगीं
तेरे हुस्न पे ढाती सितम मचलने लगीं
पहलू में छिपाये हुया पर बेताब हो
कभी शबनम बिखरायें तो कभी शोले भड़कायें
निगाहें तेरी तीर चलाने पे जो आयें
रुला कर हँसा दे हंँसा के रुलायें
निगाहें उठायें लगें तो शोभ कातिल हो
निगाहें झुकायें तो लगें होश गाफिल हो
सीधी जाके चीरे जिगर को वो शराब हो
नीयत डगमगा जायें बचाना मुश्किल ईमान
भड़क उठें आरजू यें मचल उठे अरमान
हो जायें बेसब्र दीवाना हालत खराब हो
फूलों की पंखुड़ियों पे बिखरा दे शबनम
करें महताब की लाली को भी मात हो हसीन लाजवाब
तेरे हुस्न का जवाब लिखने में हूँ नाकामयाब
नजरों, सितारों, उजालो से भरी आफ ताब

