हम ना हो सकेंगे बेवफा फिर भी तुम वफा ना करो
मिलना ना था तो कोई बात नहीं थी
हमको मारा तुमने टूटते दिल का सहारा तोड़ चली
टूटे तो टूटे हो जाए उसको जेल
मुझे अपना ना बनाओगे तो हम ना बच पायेगे
तो तेरे मारे मर जायेगें
तुझे बदनाम कर जायेगें
हसरतें ही मर जायेगी
किसी और की नहीं हो पायेगी
फिर तुम्हें कैसे छोड़ पायेगी
अब तो तेरे ही संग जायेगी
तेरे सिवा ना कोई अब कोई अरमान ना हो
अनजान हो मुकाम ना हो
यादें दिल में मचलती रहे इस पे लगाम ना हो, पैगाम ना हो
तेरे महफिल में ना आते
रो लेते तनहाई में
जिसको नहीं मिलती चाहत वो
जलते हैं चाहने वालों से
शहर और शाम एक संग मिल रहे हो
फूलों पर शबनम के कतरे मचल रहे हो
कुछ ले रहे अंगड़ाइयां कुछ खिल रहे हो
कैसे चटक चटक के तुम रंग बदल रहे हो
तेरी दुआ से ढलका आंचल संभालना मुश्किल हो गया
हवा का भी मिजाज आशिकाना हो गया
हो गई मतवाली पत्तों पत्तों बूटो को चूमने लगा
तेरी बात बिगाड़ देता है ये शर्माना
बुरा लगता है हमें भी तेरा मूँह लटकाना
पर अफसोस हमें इसमें आता है शर्माना
पर तेरी मन की करने में हमें आता है शर्माना
उठा लेंगे हर मुश्किल
पर करेंगे तुझे हासिल
आ गया तुझ पे अपनादिल
अब तो तेरे नाम ये मेरा दिल
इश्क इनका इक मजा है
क्यों तकलीफ इनको गर किसी को सजा है
इन अंखियों को तो अब फूल अच्छे लगते हैं
वो नैनों से बोलना उनका जब वो मिले थे
हमारे लिए था जो हुक्का और शवाव
महका महका कजरा मेहंदी रचे हाथ

