Chiraagon ko jalta
Kyon chodd gae sanam?
सब्र रहा नहीं और बस अपना नहीं चले
उजाले रास ना आए पर चिराग तो हैं जले
गुल कर जाते चिरागों को जलता क्यों छोड़ गए सनम
बफा दे के जाते चिरागों को क्यों छोड़ गए जलते सनम
घेर लेती हैं कई उदासियाँ जब चांद जवाँ होता है
अब तो बहारों में भी फिजाओं का गुनाह होता है
आंखों की रोशनी भी साथ ले जाते बेरहम
आँग लगे ऐसी जिंदगी को तरसते हैं हम खुशी को
जिस ने सिखाया है हँसना रोते हैं हम उसी को
जब गम ही होना था हम राह तो खुशियाँ ना दिलाते हमदम
ना कोई ख्वाहिश ना कोई तमन्ना दिल में रही
जिंदादिली तो ले गए पर बेकार जिंदगी साथ में रही
जब गए थे तो ये जिंदगी भी साथ ले जाते सनम

